

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ़ राजकुमार की रिपोर्ट
सुमेरपुर हमीरपुर। एक पखवारे से लगातार पड़ रहे कोहरे से दलहनी-तिलहनी फसलों की सेहत खराब होने लगी है। ठंड एवं कोहरे का सर्वाधिक विपरीत असर सरसों, हरे मटर के साथ मसूर की फसलों में पड़ रहा है। किसानों को आशंका सता रही है कि यह फसले पाले की चपेट में आ रही हैं। मौसम साफ होने के बाद नुकसान का आकलन हो सकेगा।
मंगलवार के पूरे दिन सूर्य देव नजर नहीं आए। ठंड भी पिछले दिनों से मंगलवार को कुछ ज्यादा ही रही। लोग ठंड से बचाव के लिए पूरे दिन अलाव से चिपके रहे। ठंड से पशु पक्षी बेहाल नजर आए बगैर बरसात के कहर बरपा रहा कोहरा फसलों को सर्वाधिक नुकसान पहुंचा रहा है। गेहूं को छोड़कर अन्य सभी फसले कोहरे से प्रभावित हो रही हैं। किसान मानसिंह, प्रदीप गुप्ता, उदयभान यादव, सुरेश कुमार, नवीन यादव, इंद्रपाल यादव आदि के अनुसार बगैर बरसात के पड रहे कोहरा सरसों, मटर, मसूर की फसलों को सर्वाधिक प्रभावित कर रहा है लगातार बढ़ रही ठंड से इनमें पाला पडने की आशंका है पाले से होने वाले नुकसान का अंदाजा मौसम साफ होने के बाद ही लगेगा। प्रकृति के इस कहर से किसान सहमा हुआ है।
पूर्व वीडियो कृषि रामसनेही साहू का भी मानना है कि कोहरा दलहनी-तिलहनी फसलों पर विपरीत असर डाल रहा है।
कृषि रक्षा इकाई के तकनीकी सहायक अजीत कुमार शुक्ला ने कहा कि कोहरा दलहनी-तिलहनी फसलों के लिए घातक साबित हो सकता है। किसानों को पाले से फसलों को बचाने के लिए मेड़ों में धुआं आदि के इंतजाम करने चाहिए।।